dil men ik tasveer chhupi thii aan basi hai aankhoñ men | दिल में इक तस्वीर छुपी थी आन बसी है आँखों में

  - Bashir Badr
दिलमेंइकतस्वीरछुपीथीआनबसीहैआँखोंमें
शायदहमनेआजग़ज़लसीबातलिखीहैआँखोंमें
जैसेइकहरीजनलड़कीमंदिरकेदरवाज़ेपर
शामदियोंकीथालसजाएझाँकरहीहैआँखोंमें
इसरूमालकोकाममेंलाओअपनीपलकेंसाफ़करो
मैलामैलाचाँदनहींहैधूलजमीहैआँखोंमें
पढ़ताजायेमंज़र-नामाज़र्दअज़ीमपहाड़ोंका
धूपखिलीपलकोंकेऊपरबर्फ़जमीहैआँखोंमें
मैंनेइकनॉवेललिक्खाहैआनेवालीसुब्हकेनाम
कितनीरातोंकाजागाहूँनींदभरीहैआँखोंमें
  - Bashir Badr
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