agar yaqeen nahin aata to aazm | अगर यक़ीं नहीं आता तो आज़माए मुझे

  - Bashir Badr
अगरयक़ींनहींआतातोआज़माएमुझे
वोआइनाहैतोफिरआइनादिखाएमुझे
अजबचराग़हूँदिनरातजलतारहताहूँ
मैंथकगयाहूँहवासेकहोबुझाएमुझे
मैंजिसकीआँखकाआँसूथाउसनेक़द्रकी
बिखरगयाहूँतोअबरेतसेउठाएमुझे
बहुतदिनोंसेमैंइनपत्थरोंमेंपत्थरहूँ
कोईतोआएज़रादेरकोरुलायेमुझे
मैंचाहताहूँकितुमहीमुझेइजाज़तदो
तुम्हारीतरहसेकोईगलेलगाएमुझे
  - Bashir Badr
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