main kal tanhaa tha khilqat so rahi thii | मैं कल तन्हा था ख़िल्क़त सो रही थी

  - Mohsin Naqvi
मैंकलतन्हाथाख़िल्क़तसोरहीथी
मुझेख़ुदसेभीवहशतहोरहीथी
उसेजकड़ाहुआथाज़िंदगीने
सिरहानेमौतबैठीरोरहीथी
खुलामुझपरकिमेरीख़ुश-नसीबी
मिरेरस्तेमेंकाँटेबोरहीथी
मुझेभीना-रसाईकासमरदे
मुझेतेरीतमन्नाजोरहीथी
मिराक़ातिलमिरेअंदरछुपाथा
मगरबद-नामख़िल्क़तहोरहीथी
बग़ावतकरकेख़ुदअपनेलहूसे
ग़ुलामीदाग़अपनेधोरहीथी
लबोंपरथासुकूत-ए-मर्गलेकिन
मिरेदिलमेंक़यामतसोरहीथी
ब-जुज़मौज-ए-फ़नादुनियामें'मोहसिन'
हमारीजुस्तुजूकिसकोरहीथी
  - Mohsin Naqvi
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