fankaar hai to haath pe suraj saja ke la | फ़नकार है तो हाथ पे सूरज सजा के ला

  - Mohsin Naqvi
फ़नकारहैतोहाथपेसूरजसजाकेला
बुझताहुआदियामुक़ाबिलहवाकेला
दरियाकाइंतिक़ामडुबोदेघरतिरा
साहिलसेरोज़रोज़कंकरउठाकेला
अबइख़्तितामकोहैसख़ीहर्फ़-ए-इल्तिमास
कुछहैतोअबवोसामनेदस्त-ए-दुआ'केला
पैमाँवफ़ाकेबाँधमगरसोचसोचकर
इसइब्तिदामेंयूँँसुख़नइंतिहाकेला
आराइशजराहत-ए-याराँकीबज़्महै
जोज़ख़्मदिलमेंहैंसभीतनपरसजाकेला
थोड़ीसीऔरमौजमेंहवा-ए-गुल
थोड़ीसीउसकेजिस्मकीख़ुशबूचुराकेला
गरसोचनाहैंअहल-ए-मशिय्यतकेहौसले
मैदाँसेघरमेंएकतूमय्यतउठाकेला
'मोहसिन'अबउसकानामहैसबकीज़बानपर
किसनेकहाकिउसकोग़ज़लमेंसजाकेला
  - Mohsin Naqvi
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