bichhad ke mujh se ye mashghala ikhtiyaar karna | बिछड़ के मुझ से ये मश्ग़ला इख़्तियार करना

  - Mohsin Naqvi
बिछड़केमुझसेयेमश्ग़लाइख़्तियारकरना
हवासेडरनाबुझेचराग़ोंसेप्यारकरना
खुलीज़मीनोंमेंजबभीसरसोंकेफूलमहकें
तुमऐसीरुतमेंसदामिराइंतिज़ारकरना
जोलोगचाहेंतोफिरतुम्हेंयादभीआएँ
कभीकभीतुममुझेभीउनमेंशुमारकरना
किसीकोइल्ज़ाम-ए-बेवफ़ाईकभीदेना
मिरीतरहअपनेआपकोसोगवारकरना
तमामवा'देकहाँतलकयादरखसकोगे
जोभूलजाएँवोअहदभीउस्तुवारकरना
येकिसकीआँखोंनेबादलोंकोसिखादियाहै
किसीना-ए-संगसेरवाँआबशारकरना
मैंज़िंदगीसेखुलसकाइसलिएभी'मोहसिन'
किबहतेपानीपेकबतलकए'तिबारकरना
  - Mohsin Naqvi
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