itni muddat ba'ad mile ho | इतनी मुद्दत बा'द मिले हो

  - Mohsin Naqvi
इतनीमुद्दतबा'दमिलेहो
किनसोचोंमेंगुमफिरतेहो
इतनेख़ाइफ़क्यूँँरहतेहो
हरआहटसेडरजातेहो
तेज़हवानेमुझसेपूछा
रेतपेक्यालिखतेरहतेहो
काशकोईहमसेभीपूछे
रातगएतकक्यूँँजागेहो
मैंदरियासेभीडरताहूँ
तुमदरियासेभीगहरेहो
कौनसीबातहैतुममेंऐसी
इतनेअच्छेक्यूँँलगतेहो
पीछेमुड़करक्यूँँदेखाथा
पत्थरबनकरक्यातकतेहो
जाओजीतकाजश्नमनाओ
मेंझूटाहूँतुमसच्चेहो
अपनेशहरकेसबलोगोंसे
मेरीख़ातिरक्यूँँउलझेहो
कहनेकोरहतेहोदिलमें
फिरभीकितनेदूरखड़ेहो
रातहमेंकुछयादनहींथा
रातबहुतहीयादआएहो
हमसेपूछोहिज्रकेक़िस्से
अपनीकहोअबतुमकैसेहो
'मोहसिन'तुमबदनामबहुतहो
जैसेहोफिरभीअच्छेहो
  - Mohsin Naqvi
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