tire badan se jo choo kar idhar bhi aata hai | तिरे बदन से जो छू कर इधर भी आता है

  - Mohsin Naqvi
तिरेबदनसेजोछूकरइधरभीआताहै
मिसाल-ए-रंगवोझोंकानज़रभीआताहै
तमामशबजहाँजलताहैइकउदासदिया
हवाकीराहमेंइकऐसाघरभीआताहै
वोमुझकोटूटकेचाहेगाछोड़जाएगा
मुझेख़बरथीउसेयेहुनरभीआताहै
उजाड़बनमेंउतरताहैएकजुगनूभी
हवाकेसाथकोईहम-सफ़रभीआताहै
वफ़ाकीकौनसीमंज़िलपेउसनेछोड़ाथा
किवोतोयादहमेंभूलकरभीआताहै
जहाँलहूकेसमुंदरकीहदठहरतीहै
वहींजज़ीरा-ए-लाल-ओ-गुहरभीआताहै
चलेजोज़िक्रफ़रिश्तोंकीपारसाईका
तोज़ेर-ए-बहसमक़ाम-ए-बशरभीआताहै
अभीसिनाँकोसँभालेरहेंअदूमेरे
किउनसफ़ोंमेंकहींमेरासरभीआताहै
कभीकभीमुझेमिलनेबुलंदियोंसेकोई
शुआ-ए-सुब्हकीसूरतउतरभीआताहै
इसीलिएमैंकिसीशबसोसका'मोहसिन'
वोमाहताबकभीबामपरभीआताहै
  - Mohsin Naqvi
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