junoon ki dast-geeri kis se ho gar ho na ur | जुनूँ की दस्त-गीरी किस से हो गर हो न उर्यानी

  - Mirza Ghalib
जुनूँकीदस्त-गीरीकिससेहोगरहोउर्यानी
गरेबाँ-चाककाहक़होगयाहैमेरीगर्दनपर
बा-रंग-ए-कागज़-ए-आतिश-ज़दानैरंग-ए-बेताबी
हज़ारआईनादिलबाँधेहैबाल-ए-यक-तपीदनपर
फ़लकसेहमकोऐश-ए-रफ़्ताकाक्याक्यातक़ाज़ाहै
मता-ए-बुर्दाकोसमझेहुएहैंक़र्ज़रहज़नपर
हमऔरवोबे-सबबरंज-आशनादुश्मनकिरखताहै
शुआ-ए-मेहरसतोहमतनिगहकीचश्म-ए-रौज़नपर
फ़नाकोसौंपगरमुश्ताक़हैअपनीहक़ीक़तका
फ़रोग़-ए-ताला-ए-ख़ाशाकहैमौक़ूफ़गुलख़नपर
'असद'बिस्मिलहैकिसअंदाज़काक़ातिलसेकहताहै
किमश्क़-ए-नाज़करख़ून-ए-दो-आलममेरीगर्दनपर
फ़ुसून-ए-यक-दिलीहैलज़्ज़त-ए-बेदाददुश्मनपर
किवज्द-ए-बर्क़जूँपरवानाबाल-अफ़्शाँहैख़िर्मनपर
तकल्लुफ़ख़ार-ख़ार-ए-इल्तिमास-ए-बे-क़ारारीहै
किरिश्ताबाँधताहैपैरहनअंगुश्त-ए-सोज़नपर
येक्यावहशतहैदीवानेपेश-अज़-मर्गवावैला
रक्खीबे-जाबिना-ए-ख़ाना-ए-ज़ंजीर-ए-शेवनपर
  - Mirza Ghalib
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