sozish dil se muft galte hain | सोज़िश दिल से मुफ़्त गलते हैं

  - Meer Taqi Meer
सोज़िशदिलसेमुफ़्तगलतेहैं
दाग़जैसेचराग़जुलतेहैं
इसतरहदिलगयाकिअबतकहम
बैठेरोतेहैंहाथमिलतेहैं
भरीआतीहैंआजयूँँआँखें
जैसेदरियाकहींउबलतेहैं
दम-ए-आख़िरहैबैठजामतजा
सब्रकरटककिहमभीचलतेहैं
तेरेबे-ख़ुदजोहैंसोकियाचीतें
ऐसेडूबेकहींउछलतेहैं
फ़ित्नादर-सर-ए-बुतान-ए-हश्र-ए-ख़िराम
हाएरेकिसठसकसेचलतेहैं
नज़रउठतीनहींकिजबख़ूबाँ
सोतेसेउठकेआँखमिलतेहैं
इससर-ए-ज़ुल्फ़काख़यालछोड़
साँपकेसरहीयाँकुचलतेहैं
थेजोअग़्यारसंगसीनेके
अबतोकुछहमकोदेखटलतेहैं
शम्अ'-रूमोमकेबनेहैंमगर
गर्मटकमलिएतोपिघलतेहैं
'मीर'-साहिबकोदेखिएजोबने
अबबहुतघरसेकमनिकलतेहैं
  - Meer Taqi Meer
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