khoveñ hain neend mirii museebat bayaaniyaan | खोवें हैं नींद मेरी मुसीबत बयानीयाँ

  - Meer Taqi Meer
खोवेंहैंनींदमेरीमुसीबतबयानीयाँ
तुमभीतोएकरातसुनोयेकहानियाँ
क्याआगदेकेतौरकोकीतर्कसर-कशी
उसशो'लेकीवहीहैंशरारतकीबानीयाँ
सोहबतरखाकियावोसफिया-ओ-ज़लालसे
दिलहीमेंख़ूँहुआकींमिरीनुक्ता-दानियाँ
हमसेतोकीनेहीकीअदाएँचलीगईं
बे-लुत्फ़ियाँयहीयहीना-मेहरबानियाँ
तलवारकेतलेहीगयाअहद-ए-इम्बिसात
मरमरकेहमनेकाटीहैंअपनीजवानियाँ
गालीसिवाएमुझसेसुख़नमतकियाकरो
अच्छीलगेहैंमुझकोतिरीबद-ज़बानियाँ
ग़ैरोंहीकेसुख़नकीतरफ़गोश-ए-यारथे
इसहर्फ़-ए-ना-शिनोनेहमारीमानियां
येबे-क़रारियाँकभूइननय-देखीयाँ
जाँ-काहीयाँहमारीबहुतसहलजानियाँ
मारामुझेभीसानकेग़ैरोंमेंउनने'मीर'
क्याख़ाकमेंमिलाईंमिरीजाँ-फ़िशानीयाँ
  - Meer Taqi Meer
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