लख़्त-ए-जिगरतोअपनेयक-लख़्तरोचुकाथा
अश्क-ए-फ़क़तकाझमकाआँखोंसेलगरहाथा
दामनमेंआजदेखाफिरलख़्तमैंलेआया
टुकड़ाकोईजिगरकापलकोंमेंरहगयाथा
उसक़ैद-ए-जेबसेमैंछोटाजुनूँकीदौलत
वर्नागलायेमेराजूँतौक़मेंफँसाथा
मुश्त-ए-नमककीख़ातिरइसवास्तेहूँहैराँ
कलज़ख़्म-ए-दिलनिहायतदिलकोमिरेलगाथा
ऐगर्द-बादमतदेहरआनअर्ज़-ए-वहशत
मैंभीकसूज़मानेइसकाममेंबलाथा
बिनकुछकहेसुनाहैआलमसेमैंनेक्याक्या
परतूनेयूँँनजानाऐबे-वफ़ाकिक्याथा
रोतीहैशम्अ'इतनाहरशबकिकुछनपूछो
मैंसोज़-ए-दिलकोअपनेमज्लिसमेंक्यूँँकहाथा
शबज़ख़्म-ए-सीनाऊपरछिड़काथामैंनमकको
नासूरतोकहाँथाज़ालिमबड़ामज़ाथा
सरमारकरहुआथामैंख़ाकउसगलीमें
सीनेपेमुझकोउसकामज़कूरनक़्श-ए-पाथा
सोबख़्त-ए-तीरासेहूँपामाली-ए-सबामें
उसदिनकेवास्तेमैंक्याख़ाकमेंमिलाथा
येसर-गुज़श्तमेरीअफ़्सानाजोहुईहै
मज़कूरउसकाउसकेकूचेमेंजा-ब-जाथा
सुनकरकिसीसेवोभीकहनेलगाथाकुछकुछ
बे-दर्दकितनेबोलेहाँउसकोक्याहुआथा
कहनेलगाकिजानेमेरीबलाअज़ीज़ाँ
अहवालथाकिसीकाकुछमैंभीसुनलियाथा
आँखेंमिरीखुलींजबजी'मीर'कागयातब
देखेसेउसकोवर्नामेराभीजीजलाथा