क्यामिरेआनेपेतूऐबुत-ए-मग़रूरगया
कभीउसराहसेनिकलातोतुझेघूरगया
लेगयासुब्हकेनज़दीकमुझेख़्वाबऐवाए
आँखउसवक़्तखुलीक़ाफ़िलाजबदूरगया
गोरसेनालेनहींउठतेतोनयउगतीहै
जीगयापरनहमारासरपुर-शोरगया
चश्म-ए-ख़ूँ-बस्तासेकलरातलहूफिरटपका
हमनेजानाथाकिबसअबतोयेनासूरगया
ना-तवाँहमहैंकिहैंख़ाकगलीकीउसकी
अबतोबे-ताक़तीसेदिलकाभीमक़्दूरगया
लेकहींमुँहपेनक़ाबअपनेकिऐग़ैरत-ए-सुब्ह
शम्अ'केचहरा-ए-रख्शांसेतोअबनूरगया
नाला-ए-मीरनहींरातसेसुनतेहमलोग
क्यातिरेकूचेसेऐशोख़वोरंजूरगया