kya din the ve ki yaa bhi dil aarmeeda tha | क्या दिन थे वे कि याँ भी दिल आर्मीदा था

  - Meer Taqi Meer
क्यादिनथेवेकियाँभीदिलआर्मीदाथा
रू-आशियाँताइर-ए-रंग-परीदाथा
क़ासिदजोवाँसेआयातोशर्मिंदामैंहुआ
बेचारागिर्या-नाकगरेबाँदरीदाथा
इकवक़्तहमकोथासर-ए-गिर्याकिदश्तमें
जोख़ारख़ुश्कथासौवोतूफ़ाँरसीदाथा
जिससैद-गाह-ए-इश्क़मेंयारोंकाजीगया
मर्गउसशिकार-गहकाशिकाररमीदाथा
कोरीचश्मक्यूँँज़ियारतकोउसकीआए
यूसुफ़साजिसकोमद्द-ए-नज़रनूर-दीदाथा
अफ़्सोसमर्गसब्रहैइसवास्तेकिवो
गुल-ए-हा-ए-बाग़इशरत-ए-दुनियानचीदाथा
मतपूछकिसतरहसेकटीरातहिज्रकी
हरनालामेरीजानकोतेग़कशीदाथा
हासिलपूछगुलशन-ए-मशहदकाबुल-हवस
याँफलहरइकदरख़्तकाहल्क़-ए-बुरीदाथा
दिल-ए-बे-क़रारगिर्या-ए-ख़ूनींथारात'मीर'
आयानज़रतोबिस्मिलदर-ए-ख़ूँतपीदाथा
  - Meer Taqi Meer
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