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Zubair Ali Tabish
vo paas kya zaraa sa muskuraa ke baith gaya
vo paas kya zaraa sa muskuraa ke baith gaya | वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया
- Zubair Ali Tabish
वो
पास
क्या
ज़रा
सा
मुस्कुरा
के
बैठ
गया
मैं
इस
मज़ाक़
को
दिल
से
लगा
के
बैठ
गया
दरख़्त
काट
के
जब
थक
गया
लकड़हारा
तो
इक
दरख़्त
के
साए
में
जा
के
बैठ
गया
- Zubair Ali Tabish
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उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
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वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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किस
तरह
'अमानत'
न
रहूँ
ग़म
से
मैं
दिल-गीर
आँखों
में
फिरा
करती
है
उस्ताद
की
सूरत
Amanat Lakhnavi
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हम
को
दिल
से
भी
निकाला
गया
फिर
शहरस
भी
हम
को
पत्थर
से
भी
मारा
गया
फिर
ज़हरस
भी
Azm Shakri
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ये
कहते
हो
तिरे
जाने
से
दिल
को
चैन
आएगा
तो
जाता
हूँ,
ख़ुदा
हाफ़िज़!
मगर
तुम
झूठ
कहते
हो
Zubair Ali Tabish
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दिल
गया
रौनक़-ए-हयात
गई
ग़म
गया
सारी
काएनात
गई
Jigar Moradabadi
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हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
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Shriyansh Qaabiz
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उम्र
गुज़री
दवाएँ
करते
'मीर'
दर्द-ए-दिल
का
हुआ
न
चारा
हनूज़
Meer Taqi Meer
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हम
तो
कुछ
देर
हँस
भी
लेते
हैं
दिल
हमेशा
उदास
रहता
है
Bashir Badr
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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अब
तलक
उस
को
ध्यान
हो
मेरा
क्या
पता
ये
गुमान
हो
मेरा
Zubair Ali Tabish
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बस
एक
ही
दोस्त
है
दुनिया
में
अपना
मगर
उस
से
भी
झगड़ा
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हारे
ग़म
से
तौबा
कर
रहा
हूँ
तअ'ज्जुब
है
मैं
ऐसा
कर
रहा
हूँ
है
अपने
हाथ
में
अपना
गिरेबाँ
न
जाने
किस
से
झगड़ा
कर
रहा
हूँ
बहुत
से
बंद
ताले
खुल
रहे
हैं
तिरे
सब
ख़त
इकट्ठा
कर
रहा
हूँ
कोई
तितली
निशाने
पर
नहीं
है
मैं
बस
रंगों
का
पीछा
कर
रहा
हूँ
मैं
रस्मन
कह
रहा
हूँ
फिर
मिलेंगे
ये
मत
समझो
कि
वा'दा
कर
रहा
हूँ
मिरे
अहबाब
सारे
शहर
में
हैं
मैं
अपने
गाँव
में
क्या
कर
रहा
हूँ
मिरी
हर
इक
ग़ज़ल
असली
है
साहब
कई
बरसों
से
धंदा
कर
रहा
हूँ
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Zubair Ali Tabish
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वो
जिस
ने
आँख
अता
की
है
देखने
के
लिए
उसी
को
छोड़
के
सब
कुछ
दिखाई
देता
है
Zubair Ali Tabish
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मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
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