jhumke dikha ke toor ko jin ne jala diya | झुमके दिखा के तूर को जिन ने जला दिया

  - Meer Taqi Meer
झुमकेदिखाकेतूरकोजिननेजलादिया
आईक़यामतउननेजोपर्दाउठादिया
उसफ़ित्नेकोजगाकेपशेमाँहुईनसीम
क्याक्याअज़ीज़लोगोंकोउननेसुलादिया
अबभीदिमाग़-ए-रफ़्ताहमाराहैअर्शपर
गोआसमाँनेख़ाकमेंहमकोमिलादिया
जानीक़दरउसगुहरशबचराग़की
दिलरेज़ा-ए-ख़ज़फ़कीतरहमैंउठादिया
तक़्सीरजानदेनेमेंहमनेकभूकी
जबतेग़वोबुलंदहुईसरझुकादिया
गर्मीचराग़कीसीनहींवोमिज़ाजमें
अबदिलफ़सुर्दगीसेहूँजैसेबुझादिया
वोआगहोरहाहैख़ुदाजानेग़ैरने
मेरीतरफ़सेउसकेतईंक्यालगादिया
इतनाकहाथाफ़र्शतिरीरहकेहमहोंकाश
सोतूनेमारमारकेकरबिछादिया
अबघटतेघटतेजानमेंताक़तनहींरही
टकलगचलीसबाकिदियासाबढ़ादिया
तंगीलगाहैकरनेदमअपनाभीहरघड़ी
कुढ़नेनेदिलकेजीकोहमारेखपादिया
कीचश्मतूनेबाज़किखोलादर-ए-सितम
किसमुद्दई'ख़ल्क़नेतुझकोजगादिया
क्याक्याज़ियान'मीर'नेखींचेहैंइश्क़में
दिलहाथसेदियाहैजुदासरजुदादिया
  - Meer Taqi Meer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy