idhar se abr uth kar jo gaya hai | इधर से अब्र उठ कर जो गया है

  - Meer Taqi Meer
इधरसेअब्रउठकरजोगयाहै
हमारीख़ाकपरभीरोगयाहै
मसाइबऔरथेपरदिलकाजाना
अजबइकसानेहासाहोगयाहै
मुक़ामिर-ख़ाना-ए-आफ़ाक़वोहै
किजोआयाहैयाँकुछखोगयाहै
कुछआओज़ुल्फ़केकूचेमेंदरपेश
मिज़ाजअपनाउधरअबतोगयाहै
सिरहाने'मीर'केकोईबोलो
अभीटुकरोतेरोतेसोगयाहै
  - Meer Taqi Meer
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