mushkil hai hona roo-kush rukhsaar ki jhalak ke | मुश्किल है होना रू-कश रुख़्सार की झलक के

  - Meer Taqi Meer
मुश्किलहैहोनारू-कशरुख़्सारकीझलकके
हमतोबशरहैंउसजापरजुलतेहैंमलकके
मरताहैक्यूँँतोनाहक़यारीबिरादरीपर
दुनियाकेसारेनातेहैंजीते-जीतिलकके
कहतेहैंगोरमेंभीहैंतीनरोज़भारी
जावेंकिधरइलाहीमारेहुएफ़लकके
लातेनहींनज़रमेंगुलतानीगुहरको
हममो'तक़िदहैंअपनेआँसूहीकीढलकके
कलइकमिज़ानिचोड़ेतूफ़ाननूहआया
फ़िक्र-ए-फ़िशारमेंहूँ'मीर'आजहरपलकके
  - Meer Taqi Meer
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