dil pahuncha halaaki ko nipt kheench kas | दिल पहुँचा हलाकी को निपट खींच कसाला

  - Meer Taqi Meer
दिलपहुँचाहलाकीकोनिपटखींचकसाला
लेयारमिरेसल्लमहूअल्लाह-त
आला
कुछमैंनहींउसदिलकीपरेशानीकाबाइ'से
बरहमहीमिरेहाथलगाथायेरिसाला
मा'मूरशराबोंसेकबाबोंसेहैसबदैर
मस्जिदमेंहैक्याशैख़पियालानिवाला
गुज़रेहैलहूवाँसरहरख़ारसेअबतक
जिसदश्तमेंफूटाहैमिरेपाँवकाछाला
गरक़स्दउधरकाहैतोटकदेखकेआना
येदेरहैज़हादहोख़ाना-ए-ख़ाला
जिसघरमेंतिरेजल्वेसेहोचाँदनीकाफ़र्श
वाँचादरमहताबहैमकड़ीकासाजाला
दुश्मनकुदूरतसेमिरेसामनेहोजो
तलवारकेलड़नेकोमिरेकीजोहवाला
नामूसमुझेसाफ़ीतीनतकीहैवर्ना
रुस्तमनेमिरीतेग़काहमलासँभाला
देखेहैमुझेदीदा-ए-पुर-ख़श्मसेवो'मीर'
मेरेहीनसीबोंमेंथायेज़हरकाप्याला
  - Meer Taqi Meer
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