aam hukm-e-sharaab karta hooñ | आम हुक्म-ए-शराब करता हूँ

  - Meer Taqi Meer
आमहुक्म-ए-शराबकरताहूँ
मोहतसिबकोकबाबकरताहूँ
टुकतोरहबिना-ए-हस्तीतू
तुझकोकैसाख़राबकरताहूँ
बहसकरताहूँहोकेअबजद-ख़्वाँ
किसक़दरबे-हिसाबकरताहूँ
कोईबुझतीहैयेभड़कमेंअबस
तिश्नगीपरइ'ताबकरताहूँ
सरतलकआब-ए-तेग़मेंहूँग़र्क़
अबतईंआबआबकरताहूँ
जीमेंफिरताहै'मीर'वोमेरे
जागताहूँकिख़्वाबकरताहूँ
  - Meer Taqi Meer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy