khush-qadaan jab sawaar hote hain | ख़ुश-क़दाँ जब सवार होते हैं

  - Meer Taqi Meer
ख़ुश-क़दाँजबसवारहोतेहैं
सर्व-ओ-क़ुमरीशिकारहोतेहैं
तेरेबालोंकेवस्फ़मेंमेरे
शे'रसबपेचदारहोतेहैं
आओयाद-ए-बुताँभूलजाओ
येतग़ाफ़ुल-शिआरहोतेहैं
देखलेवेंगेग़ैरकोतुझपास
सोहबतोंमेंभीयारहोतेहैं
सदक़ेहोलेवेंएक-दमतेरे
फिरतोतुझपरनिसारहोतेहैं
तूकरेहैक़रारमिलनेका
हमअभीबे-क़रारहोतेहैं
हफ़्त-इक़्लीमहरगलीहैकहीं
दिल्लीसेभीदयारहोतेहैं
रफ़्तारफ़्तायेतिफ़्ल-ए-ख़ुश-ज़ाहिर
फ़ित्ना-ए-रोज़गारहोतेहैं
उसकेनज़दीककुछनहींइज़्ज़त
'मीर'-जीयूँँहीख़्वारहोतेहैं
  - Meer Taqi Meer
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