baar-ha gor-e-dil jhanka laaya | बार-हा गोर-ए-दिल झंका लाया

  - Meer Taqi Meer
बार-हागोर-ए-दिलझंकालाया
अबकेशर्त-ए-वफ़ाबजालाया
क़द्ररखतीथीमता-ए-दिल
सारेआलममेंमैंदिखालाया
दिलकियकक़तराख़ूँनहींहैबेश
एकआलमकेसरबलालाया
सबपेजिसबारनेगिरानीकी
उसकोयेना-तवाँउठालाया
दिलमुझेउसगलीमेंलेजाकर
औरभीख़ाकमेंमिलालाया
इब्तिदाहीमेंमरगएसबयार
इश्क़कीकौनइंतिहालाया
अबतोजातेहैंबुत-कदेसे'मीर'
फिरमिलेंगेअगरख़ुदालाया
  - Meer Taqi Meer
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