dil ke teen aatish-e-hijraan se bachaaya na gaya | दिल के तीं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया

  - Meer Taqi Meer
दिलकेतींआतिश-ए-हिज्राँसेबचायागया
घरजलासामनेपरहमसेबुझायागया
दिलमेंरह-ए-दिलमेंकिमें'मार-ए-क़ज़ासेअबतक
ऐसामतबू-ए-मकाँकोईबनायागया
कभू'आशिक़कातिरेजबहेसेनाख़ुनकाख़राश
ख़त-ए-तक़्दीरकेमानिंदमिटायागया
क्यातुनुक-हौसलाथेदीदा-ओ-दिलअपनेआह
एकदमराज़-ए-मोहब्बतकाछुपायागया
दिलजोदीदारकाक़ातिलकेबहुतभूकाथा
उससितम-कुश्तासेइकज़ख़्मभीखायागया
मैंतोथासैद-ए-ज़बूँसैद-गह-ए-इश्क़केबीच
आपकोख़ाकमेंभीख़ूबमिलायागया
शहर-ए-दिल-ए-आहअजबजाएथीपरउसकेगए
ऐसाउजड़ाकिकिसीतरहबसायागया
आजरुकतीनहींख़ा
मेंकीज़बाँरखिएमुआ'फ़
हर्फ़कातूलभीजोमुझसेघटायागया
  - Meer Taqi Meer
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