पलमेंजहाँकोदेखतेमेरेडुबोचुका
इकवक़्तमेंयेदीदाभीतूफ़ानरोचुका
अफ़्सोसमेरेमुर्देपरइतनानकरकिअब
पछतानायूँँहीसाहैजोहोनाथाहोचुका
लगतीनहींपलकसेपलकइंतिज़ारमें
आँखेंअगरयहीहैंतोभरनींदसोचुका
यकचश्मक-ए-प्यालाहैसाक़ीबहार-ए-उम्र
झपकीलगीकिदूरयेआख़िरहीहोचुका
मुमकिननहींकिगुलकरेवैसीशगुफ़्तगी
उससर
ज़मींमेंतुख़्म-ए-मोहब्बतमैंबोचुका
पायानदिलबहाएाहुआसैल-ए-अश्कका
मैंपंजा-ए-मिज़ासेसमुंदरबिलोचुका
हरसुब्हहादसेसेयेकहताहैआसमाँ
देजाम-ए-ख़ून'मीर'कोगरमुँहवोधोचुका