ज़िंदगीहमनेज़्यादातोदेखीनहीं
रोटीतोदेखीपरदेखीचक्कीनहीं
शाख़सेपत्तागिरतातोदेखाहैपर
पेड़कीजड़कभीमैंनेदेखीनहीं
कैसेमालूमहोगीतलबभूखकी
मैंनेखाईकभीसूखीरोटीनहीं
येमिराग़मतोइतनाबड़ाग़मनहीं
जबतलकयेमिरीआँखेंरोतीनहीं
प्यारमेंअंधाभीहोकेदेखाहैपर
मैंनेचिट्ठीजलाकरकेदेखीनहीं
छोड़जानाकिसीकाज़रूरीहैगर
वोनजाएतोफिरशा'इरीहीनहीं
हैलियाठानगरदूरजानासोअब
मैंभीतेरानहींऔरतूमेरीनहीं
कैसेआसानीसेभूलजातेहैंसब
परतूतोमेरेदिलसेगईहीनहीं