zikr meraa lab-e-haseen pe tha | ज़िक्र मेरा लब-ए-हसीन पे था

  - Mahboob Anwar
ज़िक्रमेरालब-ए-हसीनपेथा
मैंड्रा
मेंकेपहलेसीनपेथा
साराक़िस्साअलिफ़सेयेतककल
चेहराचेहरामिरीजबीनपेथा
राततारोंकीअंजुमनमेंकटी
आँखखुलतेहीमैंज़मीनपेथा
मेरीउँगलीमेंचीख़उठीसिगरेट
काफ़काबोझगरचेशीनपेथा
दिनकीतारीकियाँसमेटेहुए
रातसूरजनईमशीनपेथा
तुमभीअंधेकुएँमेंतन्हाथे
मैंभीतन्हाफ़सील-ए-चीनपेथा
मैंनेसोचाकिदूँसदादरपर
घरमुसल्लतमगरमकीनपेथा
वोतोबुत-ख़ानामिलगया'अनवर'
वर्नामैंकलभीराह-ए-दीनपेथा
  - Mahboob Anwar
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