tum bin vaqt ye kaisa guzra | तुम बिन वक़्त ये कैसा गुज़रा

  - Mah Talat Zahidi
तुमबिनवक़्तयेकैसागुज़रा
अश्कोंकाइकदरियागुज़रा
मेराहीघरभूलगयाथा
बादलक़र्याक़र्यागुज़रा
काटगयाथाज़ीस्तकाधारा
कहनेकोइकलम्हागुज़रा
चीख़थीदिलकीलयमेंढलकर
जैसेकोईनग़्मागुज़रा
ख़ूनहैजिनआँखोंसेजारी
उनमेंभीइकसपनागुज़रा
ख़ुशरहनेकाख़ाकजतनहो
दिलपरभारीसदमागुज़रा
रोज़हीलोगबिछड़जातेहैं
आहमगरइकअपनागुज़रा
जान-ए-महफ़िलथाजोकभीवो
कैसातन्हातन्हागुज़रा
  - Mah Talat Zahidi
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