apni palkon se jo toote hain guhar dekhte hain | अपनी पलकों से जो टूटे हैं गुहर देखते हैं

  - Mah Talat Zahidi
अपनीपलकोंसेजोटूटेहैंगुहरदेखतेहैं
हमदु'आमाँगतेहैंऔरअसरदेखतेहैं
कोईबरसाहुआबादलभीजोगुज़राहैतोहम
डरकेबारिशमेंटपकताहुआघरदेखतेहैं
सैरकैसीयहाँतहज़ीबकीज़ंजीरभीहै
हमतोबसरौज़न-ए-दीवारसेदरदेखतेहैं
सिर्फ़ख़्वाबोंकाजहाँहमनेसजायावर्ना
लोगतोजीमेंजोजाएवोकरदेखतेहैं
दाग़-ए-दिलदीदा-ए-तरवहशत-ए-जाँतन्हाई
उनकोक्यावोतोफ़क़तअर्ज़-ए-हुनरदेखतेहैं
एकवोमंज़िलेंबढ़करजिन्हेंलेनेआएँ
एकहमराहमेंजोगर्द-ए-सफ़रदेखतेहैं
दिलबुझाजाताहोजबरातकीतारीकीमें
देखनेवालेतबआसार-ए-सहरदेखतेहैं
  - Mah Talat Zahidi
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