tumhaare paikar se footne waali raushni meri raah men hai | तुम्हारे पैकर से फूटने वाली रौशनी मेरी राह में है

  - M Kothiyavi Rahi
तुम्हारेपैकरसेफूटनेवालीरौशनीमेरीराहमेंहै
येफ़ासलाइसलिएगवाराकिइकहक़ीक़तनिगाहमेंहै
फ़सील-ए-ग़मगिरगईतोकिससेलिपटकेरोएँगेशहर-ए-याराँ
येसोचकरझूमउठाहूँयारोकिग़मख़ुदअपनीपनाहमेंहै
मैंज़िंदगीतजकेरहाहूँइसीलिएमुस्कुरारहाहूँ
ज़राबताओकिकिसलिएअबकजीतुम्हारीकुलाहमेंहै
तुम्हारेबाग़ोंसेदूरवीरानरेगज़ारोंमेंगुलखिलेहैं
शफ़क़उफ़ुक़केहिसारमेंहैशगुफ़्तगीशाहराहमेंहै
नदीनदीबे-कराँख़मोशीशजरशजरसोगवारसाए
येरातबीमारहोगईहैकिमुब्तलाफिरगुनाहमेंहै
उदासयादोंनेबाब-ए-अफ़्कारपरकईबारदस्तकेंदीं
मगरक़लमहैकिगुल-फ़िशाँबिन्त-ए-शबकीआराम-गाहमेंहै
कोईक़लंदरहैकोईदरवेशकोईवहशीहैकोई'राही'
हरएकशोरीदा-सरबराए-सहरतिरीख़ानक़ाहमेंहै
  - M Kothiyavi Rahi
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