घूमूँनहींतोक्यामैंकहींजाकेपड़रहूँ
बीमारआदमीकीतरहरातकाटदूँ
देखेगाआजमेरीतरफ़कौनप्यारसे
बुझताहुआचराग़हूँपतझड़काचाँदहूँ
तस्वीरबनकेदेखरहाहूँजहानको
तूहीबताकिऔरमैंअबकैसेचुपरहूँ
शीरींहैज़हरमौतकाऐतल्ख़ी-ए-हयात
जीचाहताहैआजतिराजामतोड़दूँ
इसबारेमेंतोआपसेबेहतरहूँमैंज़रूर
पीनाभीपड़गयातोपियाहैख़ुदअपनाख़ूँ
ख़तलिखकेफाड़देनामिरेमशग़लोंमेंहै
पढ़तीरहीहैआगमिरानामा-ए-ज़ुबूँ
गिरजाएगीयेछतजोचलीझूमकरहवा
'राही'मिरीहयातहैइकक़स्र-ए-बे-सुतूँ