guftugoo ham roo-b-roo un ke na kar paa.e bahut | गुफ़्तुगू हम रू-ब-रू उन के न कर पाए बहुत

  - M. A. Qadeer
गुफ़्तुगूहमरू-ब-रूउनकेकरपाएबहुत
यूँँतोआतेथेसुख़नकेहमकोपैराएबहुत
ज़िंदगीकीधूपमेंजबदूरतकजानापड़ा
यादआएतेरीज़ुल्फ़ोंकेघनेसाएबहुत
होसकाफिरभीउसकेहुस्न-ए-रंगींकाबयाँ
शहर-फ़िक्र-ओ-फ़नसेतशबीहातहमलाएबहुत
मैंनेइकहक़बातकहदीथीख़िलाफ़-ए-मस्लहत
तबसेसुनताहूँख़फ़ाहैंमेरेहम-साएबहुत
उनकोजानेकिसनेभेजाथापयाम-ए-सैर-ए-गुल
बाग़मेंउड़करपरिंदेदूरसेआएबहुत
तेरीक़िस्मतमेंतही-दामाँहीरहनाथा'क़दीर'
वर्नाउसनेअंजुमनमेंफूलबरसाएबहुत
  - M. A. Qadeer
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