shaam-e-gham afsurda-o-hairaanh the ham | शाम-ए-ग़म अफ़्सुर्दा-ओ-हैराँ थे हम

  - M. A. Qadeer
शाम-ए-ग़मअफ़्सुर्दा-ओ-हैराँथेहम
लोगसमझेबे-सर-ओ-सामाँथेहम
तेज़थीइतनीज़मानेकीहवा
पैरहन-दर-पैरहनउर्यांथेहम
हमसेबे-मा'नीगुरेज़-ओ-इख़्तिलाफ़
हम-नशींदोरोज़केमेहमाँथेहम
आजअपनीशहरियतमश्कूकहै
एकदिनइसमुल्ककेसुल्ताँथेहम
ज़िंदगीक्याहश्रकामैदानथी
अपनीअपनीफ़िक्रमेंग़लताँथेहम
मुन्कशिफ़थेहमपेअसरार-ए-जमाल
राज़-दार-ए-जल्वा-ए-जानाँथेहम
थीहमींसेगर्मी-ए-महफ़िल'क़दीर'
दास्तान-ए-ज़ीस्तकेउनवाँथेहम
  - M. A. Qadeer
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