gulzaar men raftaar-e-saba aur hi kuchh haius shokh ke chalne ki ada aur hi kuchh hai | गुलज़ार में रफ़्तार-ए-सबा और ही कुछ है

  - Lalan Chaudhary
गुलज़ारमेंरफ़्तार-ए-सबाऔरहीकुछहै
उसशोख़केचलनेकीअदाऔरहीकुछहै
करतीहैख़ुनुकदिलकीतपिशबाद-ए-सहरभी
लेकिनतिरेदामनकीहवाऔरहीकुछहै
शायदवोशबाबआनेसेआगाहहुआहै
पलकेंहैंझुकींरंग-ए-हयाऔरहीकुछहै
किसशोख़नेज़ुल्फ़ोंकोहवामेंहैउड़ाया
येतौबा-शिकनकाली-घटाऔरहीकुछहै
कहनेकोतोहरफ़र्द-ओ-बशरसबहैंबराबर
दुनियामेंमगरशोरबपाऔरहीकुछहै
बेकसकालहूशो'लाबनजाएसँभलना
पैग़ामसुनातीयेहवाऔरहीकुछहै
वोलाखसितमढाएँकभीउफ़करूँँगा
आफ़तमिरादस्तूर-ए-वफ़ाऔरहीकुछहै
  - Lalan Chaudhary
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