is gham ki dhoop men mujhe purvaaiyaan na do | इस ग़म की धूप में मुझे पुरवाइयाँ न दो

  - Lalan Chaudhary
इसग़मकीधूपमेंमुझेपुरवाइयाँदो
जलनेदोअपनीज़ुल्फ़कीपरछाइयाँदो
लर्ज़ांहैंदो-जहाँक़यामतबपाहो
अपनेशुऊर-ए-हुस्नकोअंगड़ाइयाँदो
जाओकबसेख़ल्क़तरसतीहैदीदको
पर्देमेंअपनेआपकोतन्हाइयाँदो
होजाएजिसमेंग़र्क़मिरीकश्ती-ए-उमीद
वोबहर-ए-इज़्तिराबकीगहराइयाँदो
होतीहैंकार-गरकहींझूटीतसल्लियाँ
चारासाज़ोदिलकोशकेबाइयाँदो
रोज़-ए-अज़लसेहैदिल-ए-वहशीजुनूँ-पसंद
मजनूँकोज़ौक़-ए-अंजुमन-आराईयाँदो
'आफ़त'उठालूँहाथउसज़ीस्तसेकहीं
मेरेजुनून-ए-इश्क़कोरुस्वाइयाँदो
  - Lalan Chaudhary
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