asiraan-e-ishq-e-butaan aur bhi hain | असीरान-ए-इश्क़-ए-बुताँ और भी हैं

  - Lalan Chaudhary
असीरान-ए-इश्क़-ए-बुताँऔरभीहैं
नहींमैंहीमहव-ए-फ़ुग़ाँऔरभीहैं
अभीयेजफ़ाकाहैआग़ाज़दिल
वफ़ाकेअभीइम्तिहाँऔरभीहैं
नहींइकफ़लककीहैमुझपरइनायत
मिरेहालपरमेहरबाँऔरभीहैं
हमींसेहैक्यूँँलागबर्क़-ए-तपाँको
चमनमेंकईआशियाँऔरभीहैं
रह-ए-इश्क़मेंमिटगएहमतोक्याग़म
रह-ए-इश्क़मेंकारवाँऔरभीहैं
कहाजबसेहैहाल-ए-दिलउनसेअपना
वोमुझसेहुएबद-गुमाँऔरभीहैं
वतनकीतरक़्क़ीपेख़ुशहो'आफ़त'
अभीबेकस-ओ-बे-मकाँऔरभीहैं
  - Lalan Chaudhary
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