उठाकरज़िन्दगीकीतुमसभीरंगीनियाँरखदो
निकालोकोहसेदरियाजहाँभीबिजलियाँरखदो
मेरेपत्थरबदनपरआकेकुछसरगर्मियाँरखदो
गुज़ारिशहैलबोंकीआजतुममदहोशियाँरखदो
हज़ारोंरंजशामिलहैंहमारेदरमियाँमाना
उठोकाटोअलगकरकेअनाकीबेड़ियाँरखदो
इमारतहीइमारतकेघनेजंगलबसाएहैं
किकहदोशम्ससेजाकरतपिशमेंनर्मियाँरखदो
बहुतसेदिनगुज़ारेहैंख़मोशीकेलिबासोंमें
तुम्हींआकरहवाओंआजकुछसरगोशियाँरखदो
भलायहभीकहाँमुमकिनकिमेरेदर्दकोनापो
चलोहिस्सेमेंमेरेऔरथोड़ीसिसकियाँरखदो
सियासतकररहीखिलवाड़जनताकीउमीदोंसे
जलाकरमिन्नतोंकीअब'प्रिया'सबअर्ज़ियाँरखदो