kuchh na baaki raha zindagi men | कुछ न बाक़ी रहा ज़िन्दगी में

  - Priya omar
कुछबाक़ीरहाज़िन्दगीमें
किससेेकरतेगिलाज़िन्दगीमें
मोमकादिलपिघलहीजाए
सबसेेथाफ़ासलाज़िन्दगीमें
ख़्व़ाहिशेंपूरीभीहोपाईं
जानेक्याथालिखाज़िन्दगीमें
रोज़दिलकीज़मींखोदतीथी
ज़ख़्मगहरामिलाज़िन्दगीमें
हाल-ए-दिलकहपाएकिसीसे
कौनअपनालगाज़िन्दगीमें
ग़मनिभातेरहेदोस्तीबस
उनसेेथाराब्ताज़िन्दगीमें
करकेदेखीइबादत'प्रिया'ने
रबख़फ़ाहीदिखाज़िन्दगीमें
  - Priya omar
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