ग़म-ए-ज़िन्दगीकेहसींजबसितमदेखतेहैं
कभीमुश्किलेंतोकभीख़ुदकादमदेखतेहैं
रह-ए-हक़पेबेख़ौफ़चलतेरहेहमहमेशा
कहाँहौसलेझूठीराहोंकेख़मदेखतेहैं
मुहब्बतमेंकैसाअजबहालहोनेलगाहै
नज़ाराकोईहोमगरतुमकोहमदेखतेहैं
चलातेहैंअक्सरउसीपरसभीज़ोरअपना
येजबनर्मदिलकाकोईमोहतरमदेखतेहैं
लबोंकीहँसीसेबहलतेसभीहैंमगरकब
हमारीउदासीख़मोशीअलमदेखतेहैं
फ़लकछूनेकीचाहतोंमेंयेदेखाहैअक्सर
ज़मींकीतरफ़फिरयेसबलोगकमदेखतेहैं
सियासतमुहब्बतइबादतलिखेबेवफ़ाई
'प्रिया'हर्फ़तेरेमता-ए-क़लमदेखतेहैं