jab jab pari khayal ki tasveer kheenchiye | जब जब परी ख़याल की तस्वीर खींचिए

  - Kalim Akhtar
जबजबपरीख़यालकीतस्वीरखींचिए
हररंग-रंगख़्वाबकीता'बीरखींचिए
ख़ुश-रंगआपहैंतोतख़य्युलकेरंगसे
ग़ज़लोंमेंलाला-फ़िक्रकीतस्वीरखींचिए
हरहरक़दमपेख़ूनरुलातेहैंकिसलिए
हरनक़्श-ए-दाग़-ए-ज़ख़्मकीतौक़ीरखींचिए
तारीकियाँखुरचकेतोकरलीजेपहलेसाफ़
दीवार-ए-दिलपेफिरकोईतस्वीरखींचिए
दिलकेसफ़रकानामहैइकदर्दकाबहाव
फिरउससफ़रमेंक्यूँकोईज़ंजीरखींचिए
दुश्मनहैंलैसलैसतोफिरक्याबलाहुई
चलिएकमानउठाइएऔरतीरखींचिए
यादोंकाअक्सहैतख़य्युलकानक़्शहै
फिरलबपेकिसकेनामकीतहरीरखींचिए
घबराकेदिलरोपड़ेदश्त-ए-ख़यालमें
ज़ुल्मतकेहमशिकारहैंतनवीरखींचिए
होशबकीख़ामुशीकिहोहंगामा-ए-सहर
'अख़्तर'ज़रूरनाला-ए-दिल-गीरखींचिए
  - Kalim Akhtar
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