koi markaz se alag hai koi mehwar se alag | कोई मरकज़ से अलग है कोई मेहवर से अलग

  - Kalim Akhtar
कोईमरकज़सेअलगहैकोईमेहवरसेअलग
आदमीख़ुदहोगयाहैअपनेपैकरसेअलग
कितनेख़ानोंमेंबटाहैअहद-ए-नौकाआदमी
कोईबाहरसजुदाहैकोईअंदरसेअलग
बे-लिबासीकेसिवाअबकुछनज़रआतानहीं
इसक़दरहैजिस्मख़ुद्दारीकीचादरसेअलग
दाग़-ए-दिलकश्मीरकागुजरातकादिलदर्दनाक
हादिसाकोईकहाँहैछेदिसम्बरसेअलग
बंदथींअलमारियोंमेंचाहतोंकीफाइलें
किसनेकी'अख़्तर'येदस्तावेज़दफ़्तरसेअलग
  - Kalim Akhtar
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