raat ki zulfen bheegi bheegi aur aalam tanhaaii ka | रात की ज़ुल्फ़ें भीगी भीगी और आलम तन्हाई का

  - Kaleem Usmani
रातकीज़ुल्फ़ेंभीगीभीगीऔरआलमतन्हाईका
कितनेदर्दजगादेताहैइकझोंकापुर्वाईका
उड़तेलम्होंकेदामनमेंतेरीयादकीख़ुश्बूहै
पिछलीरातकाचाँदहैयाहैअक्सतिरीअंगड़ाईका
कबसेजानेगलियोंगलियोंसाएकीसूरतफिरतेहैं
किससेदिलकीबातकरेंहमशहरहैउसहरजाईका
इश्क़हमारीबर्बादीकोदिलसेदुआएँदेताहै
हमसेपहलेइतनारौशननामथारुस्वाईका
शे'रहमारेसुनकरअक्सरदिलवालेरोदेतेहैं
हमभीलिएफिरतेहैंदिलमेंदर्दकिसीशहनाईका
तुमहो'कलीम'अजबदीवानेबातअनोखीकरतेहो
चाहकाभीअरमानहैदिलमेंख़ौफ़भीहैरुस्वाईका
  - Kaleem Usmani
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