raat phaili hai tere sur | रात फैली है तेरे सुरमई आँचल की तरह

  - Kaleem Usmani
रातफैलीहैतेरेसुरमईआँचलकीतरह
चाँदनिकलाहैतुझेढूँडनेपागलकीतरह
ख़ुश्कपत्तोंकीतरहलोगउड़ेजातेहैं
शहरभीअबतोनज़रआताहैजंगलकीतरह
फिरख़यालोंमेंतिरेक़ुर्बकीख़ुश्बूजागी
फिरबरसनेलगीआँखेंमिरीबादलकीतरह
बे-वफ़ाओंसेवफ़ाकरकेगुज़ारीहैहयात
मैंबरसतारहावीरानोंमेंबादलकीतरह
  - Kaleem Usmani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy