qaaim hai suroor-e-may-e-gulfaam hamaara | क़ाएम है सुरूर-ए-मय-ए-गुलफ़ाम हमारा

  - Kaleem Aajiz
क़ाएमहैसुरूर-ए-मय-ए-गुलफ़ामहमारा
क्याग़महैअगरटूटगयाजामहमारा
इतनाभीकिसीदोस्तकादुश्मनहोकोई
तकलीफ़हैउनकेलिएआरामहमारा
फूलोंसेमोहब्बतहैतक़ाज़ा-ए-तबीअत
काँटोंसेउलझनातोनहींकामहमारा
भूलेसेकोईनामवफ़ाकानहींलेता
दुनियाकोअभीयादहैअंजामहमारा
ग़ैरकेबनेहैंसबब-ए-रौनक़-ए-महफ़िल
अबआपकीमहफ़िलमेंहैक्याकामहमारा
मौसमकेबदलतेहीबदलजातीहैंआँखें
यारान-ए-चमनभूलगएनामहमारा
  - Kaleem Aajiz
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