kya khabar thii ishq men aisa bhi ik daur aa.e hai | क्या ख़बर थी इश्क़ में ऐसा भी इक दौर आए है

  - Kaif Moradaabadi
क्याख़बरथीइश्क़मेंऐसाभीइकदौरआएहै
बातकैसीसाँसलेताहूँतोजीघबराएहै
रहमकरजज़्ब-ए-मोहब्बतयेसितमक्यूँढाएहै
हुस्नऔरबेताब-ओ-हैराँकिससेदेखाजाएहै
यूँँतोउनकीयादसेमिलतीहैतस्कीन-ए-हयात
औरजबतड़पाएहैज़ालिमबहुततड़पाएहै
ख़ुश्कआँखेंमुस्कुरातेहोंटचेहरामुतमइन
यूँँभीअक्सरदास्तान-ए-ग़मसुनाईजाएहै
औरतोक्याज़िंदगीकाहोशतकछोड़ानहीं
लूटनेवालेकहींऐसेभीलूटाजाएहै
रंग-ए-गुलशनदेखनेवालेकभीयेभीतोदेख
नन्हीनन्हीपत्तियोंमेंकौनरसदौड़ाएहै
इश्क़केमारेहुएदुनियाकोदेखेंभीतोक्या
जबनज़रउठतीहैकोईसामनेजाएहै
हुस्नछुपताफिररहाहैमुख़्तलिफ़पर्दोंमें'कैफ़'इश्क़कीज़ालिमनज़रकेसामनेकौनआएहै
  - Kaif Moradaabadi
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