हवाकीज़दपेचराग़-ए-शब-ए-फ़सानाथा
मगरहमेंभीउसीसेदियाजलानाथा
हमेंभीयादनआईबहार-ए-इश्वा-तराज़
उसेभीहिज्रकामौसमबहुतसुहानाथा
सफ़रअज़ाबसहीदश्त-ए-गुमरहीकामगर
कटीतनाबतोख़ेमाउजड़हीजानाथा
हमींनेरक़्सकियानग़्मा-ए-फ़नापरभी
हमेंहीपलकोंपेहिजरतकाबारउठानाथा
उसीकीगूँजहैतार-ए-नफ़समेंअबकेमियाँ
सदा-ए-हूकोभीवर्नाकिसेजगानाथा
हमऐसेख़ाक-नशीनोंकाज़िक्रक्याकिहमें
लहूकाक़र्ज़तोहरहालमेंचुकानाथा
वोमेरेख़्वाबचुराकरभीख़ुशनहीं'अजमल'
वोएकख़्वाबलहूमेंजोफैलजानाथा