abhii to faisla baaki hai shaam hone de | अभी तो फ़ैसला बाक़ी है शाम होने दे

  - Kabir Ajmal
अभीतोफ़ैसलाबाक़ीहैशामहोनेदे
सहरकीओटमेंमहताब-ए-जाँकोरोनेदे
तिरीनज़रकेइशारेरौशनीबनजाएँ
तोफिरयेरातकहाँजुगनुओंकोसोनेदे
बहुतहुआतोहवाओंकेसाथरोलूँगा
अभीतोज़िदहैमुझेकश्तियाँडुबोनेदे
हमारेब'अदभीकामआएगीजुनूँकीआग
येआगज़िंदाहैइसकोसर्दहोनेदे
सदीसेमांगेगीअगलीसदीहिसाब-ए-गुनह
मिरेसरिश्ककोलम्होंकेदाग़धोनेदे
येग़ममिराहैतोफिरग़ैरसेइलाक़ाक्या
मुझेहीअपनीतमन्नाकाबारढोनेदे
बबूलसब्ज़हैबाँधेहिसार-ए-नाज़'अजमल'
मुझेभीअपनीज़मींमेंचिनारबोनेदे
  - Kabir Ajmal
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