लूटनेकोतोग़म-ए-दह्रनेलूटाअबतक
मैंवोशीशाहूँकिपत्थरसेनटूटाअबतक
ज़हरदेतीरहीहरगामपेदुनियामुझको
दामन-ए-ज़ीस्ततोहाथोंसेनछूटाअबतक
उनसेमिलआयामगरसोचरहाहूँअबभी
नग़्माक्यूँबिखराहैक्यूँसाज़हैटूटाअबतक
क्याकियातुमनेजोइसतरहख़जिलहोतेहो
मेराएहसासथाजिसनेमुझेलूटाअबतक
दश्त-ए-पुर-ख़ारहैकहतेहैंयेदुनियाजिसको
आबलादिलकामगरफिरभीनफूटाअबतक
राहतोराहहैमंज़िलभीछुटीहैपीछे
गर्दिश-ए-वक़्ततिरासाथनछूटाअबतक
मौज-ओ-गिर्दाबसेशिकवातोनहींकोई'सबा'
मुझकोबे-मेहरी-ए-साहिलनेहीलूटाअबतक