ab chhod bhi do yaar badan toot raha hai | अब छोड़ भी दो यार बदन टूट रहा है

  - kaashif shakiil
अबछोड़भीदोयारबदनटूटरहाहै
बाँहोंमेंगिरफ़्तारबदनटूटरहाहै
इसकिब्रसेकबकिसकोसुकूँआयामुयस्सर
मस्त-ए-मय-ए-पिंदारबदनटूटरहाहै
दामनजोहुआचाकतोकुछग़मनहींलेकिन
हुस्नकीसरकारबदनटूटरहाहै
हररोज़पतंगोंसेचराग़ोंनेकहाये
मिलकरकरोवारबदनटूटरहाहै
बरसोंसेमिराजिस्मदिल-ओ-जान-ओ-जिगरसे
हैबर-सर-ए-पैकारबदनटूटरहाहै
रोटीकेलिएरोज़थकनसाथहूँलाता
अबमतकरोसिंगारबदनटूटरहाहै
मिट्टीकेखिलौनोंकोउठाएहुएबुढ़िया
ढूँढेहैख़रीदारबदनटूटरहाहै
इंकारज़बानीथाकोईजंगनहींथी
फिरक्यूँमिराबे-कारबदनटूटरहाहै
चढ़तीहुईहरसाँसनहींआख़िरीहोती
अबबसभीकरोप्यारबदनटूटरहाहै
काँटोंकीज़मींसंगकीबारिशमेंयूँँ'काशिफ़'
चलनाहुआदुश्वारबदनटूटरहाहै
  - kaashif shakiil
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