guzar rahi hai judaai jo tujh pe shaak to dekh | गुज़र रही है जुदाई जो तुझ पे शाक़ तो देख

  - kaashif shakiil
गुज़ररहीहैजुदाईजोतुझपेशाक़तोदेख
कभीकभीतूवरा-ए-हद-ए-फ़िराक़तोदेख
मिरीतलबसहीमेराइश्तियाक़तोदेख
इबारतोंसेपरेज़रासियाक़तोदेख
जुदाहैंजिस्महमारेजुदाहैंरंग-ओ-रविश
तूउनकोछोड़केरूहोंकाइत्तिसाक़तोदेख
तूइख़्तिलाफ़कीसारीहदेंभुलातोसही
तूइख़्तिलाफ़पेहमसबकाइत्तिफ़ाक़तोदेख
कटेहैवक़्तभलेमुझकोकाटकरहीकटे
अटूटग़महैग़मोंकायेतुमतराक़तोदेख
वोहैमरीज़जोहरदममतीनरहताहै
कभीमिज़ाहतोसुनऔरकभीमज़ाक़तोदेख
वोमीठेबोलहक़ीक़तमेंज़हर-ए-क़ातिलहैं
तूइसनक़ाबकेपीछेछुपानिफ़ाक़तोदेख
येहिज्रहिज्रनहींहैकोईक़यामतहै
येचश्म-ए-तरसहीदिलकाइंशिक़ाक़तोदेख
हुएहैंहुस्नकेविरसातमामबेगाने
हैख़ालीहाथयेकाशिफ़'शकील'आक़तोदेख
  - kaashif shakiil
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