anjaam ye hua hai dil-e-be-qaraar ka | अंजाम ये हुआ है दिल-ए-बे-क़रार का

  - Jagat Mohan Lal Ravan
अंजामयेहुआहैदिल-ए-बे-क़रारका
थमतानहींहैपाँवहमारेग़ुबारका
पहलेकियाख़यालगुलकाख़ारका
अबदुखरहाहैपाँवनसीम-ए-बहारका
पैहमदिएवोरंजकिइंसाँबनादिया
मिन्नत-पज़ीरहूँसितम-ए-रोज़गारका
उसकोख़िज़ाँकेआनेकाक्यारंजक्याक़लक़
रोतेकटाहोजिसकोज़मानाबहारका
मख़्फ़ीहैइसमेंराज़-ए-बक़ा-ए-हयात-ए-इश्क़
क्यापूछतेहोहालदिल-ए-बे-क़रारका
मजबूरियाँसितमहैंवगरनाख़ुदाकीशान
मैंऔरयूँँगुज़ारदूँमौसमबहारका
ग़ाफ़िलनिगाह-ए-होशसेरंग-ए-चमनकोदेख
परवर्दा-ए-ख़ज़ाँहैज़मानाबहारका
निकलाहैदम'रवाँ'कातमन्नाकेसाथसाथ
अल्लाह-रेज़ोरनाला-ए-बे-इख़्तियारका
  - Jagat Mohan Lal Ravan
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