nikal jaa.e yoonhi furqat men dam kyana hogaa aap ka mujh par karam kya | निकल जाए यूँँही फ़ुर्क़त में दम क्या

  - Jagat Mohan Lal Ravan
निकलजाएयूँँहीफ़ुर्क़तमेंदमक्या
होगाआपकामुझपरकरमक्या
हँसेभीरोएभीलेकिनसमझे
ख़ुशीक्याचीज़हैदुनियामेंग़मक्या
मुबारकज़ालिमोंकोज़ुल्महमपर
जोअपनाहीकियाहैउसकाग़मक्या
मिटाजबइम्तियाज़-ए-कुफ़्रईमाँ
मकान-ए-काबाक्याबैतुस-सनमक्या
नहींजबक़ुव्वत-ए-एहसासदिलमें
ग़म-ए-दुनियासुरूर-ए-जम-ए-जमक्या
गुज़रहीजाएँगेग़ुर्बतकेदिनभी
करेंदोदिनकोअबअख़्लाक़कमक्या
मिरीबिगड़ीहुईतक़दीरभीहै
तुम्हारेतुर्रा-ए-गेसूकाख़मक्या
मिरीतक़दीरमेंलिक्खाहैतूने
बतामालिक-ए-लौहक़लमक्या
भुलादेगीहमेंदोदिनमेंदुनिया
हमारीशा'इरीक्याऔरहमक्या
हरइकमुश्किलकोहलकरतीहैजबमौत
करूँँआगेकिसीकेसरकोख़मक्या
'रवाँ'केदर्दकाआलमपूछो
कोईयूँँहोगामस्त-ए-जाम-ए-जमक्या
  - Jagat Mohan Lal Ravan
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